अखिल विश्व गायत्री परिवार के वृक्षगंगा अभियान के अंतर्गत दिया राजस्थान द्वारा संचालित साप्ताहिक वृक्षारोपण अभियान ने एक प्रेरणादायी उपलब्धि प्राप्त करते हुए 5 जुलाई 2020 से प्रारंभ होकर निरंतर 315 सप्ताह (6 वर्ष) सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर अभियान से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित परिजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। दिया राजस्थान का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जनभागीदारी का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। बीते छह वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों, नगरों, गाँवों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से पौधारोपण कर युवाओं ने हरित राजस्थान के निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्षाकाल को पौधारोपण के लिए सर्वोत्तम समय बताते हुए सभी जिला एवं तहसील इकाइयों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधारोपण करें, उनके संरक्षण का संकल्प लें तथा अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मातृ स्मृति वाटिकाओं की स्थापना एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष के रूप में विकसित करना है। इस अवसर पर दिया राजस्थान के साप्ताहिक वृक्षारोपण अभियान संयोजक डॉ. मुकेश जी मीणा ने कहा, "वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का सशक्त माध्यम है। प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन का आधार बनता है। इसलिए प्रत्येक युवा को पौधारोपण के साथ उसके संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "वृक्षगंगा अभियान का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में वृक्षों के प्रति आत्मीयता और संरक्षण की संस्कृति विकसित करना है। जब तक लगाया गया पौधा एक सशक्त वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक हमारा दायित्व समाप्त नहीं होता।" डॉ. मीणा ने सभी जिलों के कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, "वर्षाकाल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। आइए, इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाएँ, अपने संकल्पानुसार मातृ स्मृति वाटिकाओं की स्थापना करें तथा प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। यही सच्चे अर्थों में वृक्षगंगा अभियान की सफलता होगी।" दिया राजस्थान ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशभर के युवाओं एवं गायत्री परिवार के परिजनों के सक्रिय सहयोग से यह अभियान आगामी वर्षों में और अधिक व्यापक स्वरूप ग्रहण करेगा तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक जनआंदोलन के रूप में नई प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।