"गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक घर में नियमित रूप से गायत्री यज्ञ/हवन की परंपरा स्थापित कर आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना तथा परिवार एवं समाज में नैतिक चेतना को जागृत करना है।"
अयं यज्ञो विश्वस्य भुवनस्य नाभिः
— अथर्ववेद 9.15.14
विश्व की प्रथम एवं श्रेष्ठतम संस्कृति के माता-पिता गायत्री और यज्ञ हैं। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी ने यज्ञ को जीवन और समाज परिवर्तन का आधार बनाया।
गायत्री परिवार ने यज्ञ के माध्यम से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जागरूकता व उत्कृष्टता लाकर समाज का नव निर्माण किया है।
प्रातः 9 बजे सभी याजक एकत्रित हों। संक्षिप्त जन-जागरण रैली/कलश यात्रा के माध्यम से वातावरण निर्माण करें। ऋतुओं के अनुसार संदेश यात्रा जैसे वृक्ष कांवड़, साहित्य यात्रा, नशा उन्मूलन नुक्कड़ नाटक आदि भी आयोजित करें।
यह अभियान एक महान संकल्प है जो व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण को सशक्त करता है। वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी पर यह नवसृजन महापुरश्चरण एक सच्ची श्रद्धांजलि है।