राष्ट्र के कर्णधारों के नैतिक, बौद्धिक एवं संस्कृति जागरण का रचनात्मक अभियान
आज गायत्री परिवार शाखा गैसड़ी जनपद बलरामपुर की ओर से व्यसन मुक्ति नाटक कार्यक्रम आयोजित …
कक्षा के पूर्व सभी बच्चों ने सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से दिन की शुभ शुरुआत …
गायत्री परिवार यूथ ग्रुप कोलकाता विगत 9 वर्षों से (28 अक्टूबर 2017 से) हर शनिवार …
अखिल विश्व गायत्री परिवार के वृक्षगंगा अभियान के अंतर्गत दिया राजस्थान द्वारा संचालित साप्ताहिक वृक्षारोपण …
दिनांक 5 जुलाई 2026 की बाल संस्कारशाला की साप्ताहिक कक्षा और गंगा दशहरा 24 जून …
प्रत्येक जनपद से चुने गए प्रतिभाशाली युवाओं का गहन प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण में सीधी भागीदारी।
विचार क्रांति अभियान का डिजिटल साहित्य संग्रह
युवा अवस्था केवल आयु का नाम नहीं, बल्कि उमंग और संकल्प का जीवंत प्रतीक है।
असंभव शब्द जिसके शब्दकोश में नहीं।
जो बाधाओं को चीर कर अपना मार्ग स्वयं बनाता है।
जो परिस्थितियों का दास नहीं, बल्कि उनका निर्माता व स्वामी है।
जो भाग्य पर नहीं, अपने प्रचंड पुरुषार्थ और कर्म पर जीता है।
जो निरंतर उमंग व उत्साह से भरा रहे और सुनहरे भविष्य का निर्माता हो।
जिसके भीतर राष्ट्र उत्थान के लिए कुछ अनूठा करने का जज्बा हो।
युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रेरणा और डॉ. प्रणव पण्ड्या के मार्गदर्शन में DIYA युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, वैज्ञानिक अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण की चेतना विकसित करता है। DIYA का दृढ़ विश्वास है प्रत्येक युवा में दिव्यता का वास है और जाग्रत युवा ही देश की दशा बदल सकता है।
दिव्यता के सामीप्य में रहकर उत्कृष्ट दिव्य गुणों को आत्मसात करने की कलात्मक और भक्तिपूर्ण साधना।
संयम और आत्म-नियंत्रण द्वारा जीवन को अनुशासित बनाना, आंतरिक प्रकाश एवं आत्म-परिष्कार की ओर बढ़ना।
अर्जित क्षमताओं और सत्प्रवृत्तियों को निस्वार्थ भाव से समाज की भलाई, उत्थान और लोककल्याण में लगाना।
मानव जीवन की बहुमूल्यता और गौरव-गरिमा का मूल्यांकन करने तथा आंतरिक चेतना को जगाकर असाधारण कार्य करने का बोध।
जीवन में सही एवं श्रेष्ठ चुनाव (Choice) करने तथा आंतरिक उत्कृष्टता के उत्थान द्वारा महान समाज के निर्माण का सूत्र।
अपेक्षाओं और प्रतिद्वन्द्विता के दबाव को झेलकर नकारात्मक तनाव को रचनात्मक बल व ऊर्जा में बदलने की साधना।
अध्यात्म को अंधविश्वास से मुक्त कर विज्ञान सम्मत जीवन शैली के रूप में समझने तथा दोनों के गठबंधन से नवनिर्माण का मार्ग।
समय संयम और समय साधना का रहस्य। प्राथमिकताओं का क्रम बनाना और दैनिक गतिविधियों का अनुशासित सुनियोजन।
बनने, सोचने, कार्य करने और संबंधों को प्रेमपूर्वक निभाने की कला। पर्यावरण संरक्षण और आहार विज्ञान का समन्वय।
हरिद्वार में गंगा किनारे स्थित अखिल विश्व गायत्री परिवार का अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय। यहाँ समस्त संस्कार, साधना और शिविर पूर्णतः निःशुल्क संचालित किए जाते हैं।
"मनुष्य में देवत्व का उदय, धरती पर स्वर्ग का अवतरण" करने हेतु १८ सूत्रीय रचनात्मक युग सृजन योजना और समाज परिष्कार के विभिन्न सेवा कार्य।
युग प्रवर्तक ऋषियों और मनीषियों के विचार जो हमें निरंतर प्रेरित करते हैं।
महान विचारकों और राष्ट्र निर्माताओं से प्राप्त ज्ञान और प्रेरणा
दूरदर्शी मार्गदर्शक
युवा प्रेरक एवं शिक्षक
युवाओं के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्र निर्माण हेतु हमारे निर्धारित लक्ष्य।
युवाओं के प्रखर व्यक्तित्व निर्माण हेतु “साधना-प्रधान” जीवन शैली।
नैतिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास हेतु “स्वाध्याय” की नियमितता।
स्वावलंबी स्वाभिमानी जीवन हेतु “संयम” द्वारा पुरुषार्थ क्षमता का विकास।
समाज एवं राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने “सेवा” भावना का विकास।
सृजनशील युवाओं की खोज, संगठन एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में सुनियोजन का महाअभियान। एक ऐसी तेजस्वी लहर पैदा करना हमारा लक्ष्य है जो युवा शक्ति के भटकाव एवं बिखराव के क्रम को रोककर उन्हें आदर्शनिष्ठ, समर्थ और सशक्त बना सके।
हर रचनात्मक केंद्र पर ऊर्जावान युवाओं को संगठित कर सक्रिय प्रकोष्ठों की स्थापना करना।
नियमित स्वाध्याय, साधना और सेवाभावी विमर्श के माध्यम से विचारों का परिष्कार।
व्यसनमुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण (वृक्षगंगा), और शिक्षा के प्रसार हेतु जमीनी कार्य।
"युवा क्रांति के कार्यक्रमों की गति और तेजस्विता उसके नाम के अनुरूप होनी चाहिए। क्रांति और युवा ये दोनों ही शब्द तेजस्विता के पर्याय हैं। इसलिए प्रारंभ धमाकेदार, गति तूफानी और परिणाम प्रामाणिक होने चाहिए।"
परम पूज्य गुरुदेव द्वारा सूक्ष्मीकरण के बाद दिये गये वे महत्त्वपूर्ण निर्देश, जो हर लोकसेवी कार्यकर्ता, समयदानी और समर्पित शिष्य पर लागू होते हैं। युग परिवर्तन के इस महान अभियान में हमारे चिंतन, जीवन शैली और समर्पण का स्वरूप कैसा होना चाहिए, इसका अनुपम मार्गदर्शन।
युवा मंडल, अखिल विश्व गायत्री परिवार की आधारभूत संगठनात्मक इकाई है, जिसका उद्देश्य 15-45 वर्ष के युवाओं को संगठित कर उन्हें चरित्र निर्माण, समाज जागरण और राष्ट्र निर्माण के कार्य में सक्रिय करना है।
क्योंकि युवा ही राष्ट्र का रक्त हैं। यदि युवा सकारात्मक दिशा में संगठित हों, तो समाज का भविष्य उज्ज्वल होता है।
यदि आप अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहते हैं और समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं —
युवा मंडल से जुड़ेंपरिवर्तन की दिशा में हमारी सक्रिय भागीदारी।
ग्राम, विकासखण्ड, जिलास्तरीय संगठन
स्कूल व कॉलेजों में सार्थक संवाद
स्वावलंबन एवं कौशल विकास के शिविर
संकट के समय राष्ट्र की सेवा हेतु गठन
नशे के विरुद्ध जनजागृति अभियान
स्वस्थ शरीर हेतु केंद्रों का संचालन
विद्यालयों में संस्कारों का बीजारोपण
गाँव के सर्वांगीण विकास का सूत्र
उत्तम नई पीढ़ी का निर्माण