वंदनीया माताजी
वात्सल्य और करुणा की प्रतिमूर्ति
वात्सल्यमयी चेतना का अवतरण
परम वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा जी का जीवन वात्सल्य, करुणा और निस्वार्थ प्रेम की जीवंत गाथा है। वे न केवल पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की धर्मपत्नी थीं, बल्कि गायत्री परिवार के विराट संगठन को एक सूत्र में पिरोने वाली परम संरक्षक भी थीं।
पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के बाद उन्होंने संपूर्ण गायत्री परिवार को एक वात्सल्यमयी माता और संरक्षक पिता के रूप में दिशा दी। उनके मार्गदर्शन में ही देव संस्कृति दिग्विजय अश्वमेध यज्ञ श्रृंखला जैसे ऐतिहासिक अभियानों का देश-विदेश में सफल संचालन हुआ।