इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार एक छोटा संकल्प ले सकता है— स्वयं पढ़ने का, दूसरों को पढ़ाने का, साहित्य पहुँचाने का, स्वाध्याय मंडल बनाने का या साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने में अपना समय, प्रतिभा और संसाधन लगाने का।