वाल्मीकि बाल संस्कारशाला में बच्चों के लिए दिन थोड़ा अलग था। किताबों और कॉपियों से हटकर आज बच्चों ने प्रकृति के रंगों के साथ कुछ नया सीखने और बनाने का अनुभव लिया। ‘क्लाइमेट पर चर्चा’ पर आयोजित इस विशेष वर्कशॉप में बच्चों को प्राकृतिक रंगों से कपड़े पर डाई पेंटिंग करना सिखाया गया। शुरुआत में बच्चों के लिए यह जानना ही अपने आप में खास था कि हमारे आसपास मौजूद प्राकृतिक चीजों से भी रंग तैयार किए जा सकते हैं। इसके बाद जब उन्होंने उन्हीं रंगों को कपड़े पर इस्तेमाल करना शुरू किया, तो उनकी उत्सुकता धीरे-धीरे रचनात्मकता में बदलती दिखाई दी। कोई रंगों को लेकर उत्साहित था, तो कोई अपनी बनाई हुई डिजाइन को देखकर खुश हो रहा था। इस कार्यशाला में बच्चों ने सिर्फ डाई पेंटिंग नहीं सीखी, बल्कि यह भी समझा कि प्रकृति हमारे जीवन का हिस्सा ही नहीं, हमारी सीखने की एक खूबसूरत साथी भी है। हमेशा यही प्रयास रहता है कि बच्चों को ऐसी सीख मिले, जिसे वे सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि खुद करके महसूस करें और लंबे समय तक याद रखें।