🪢 स्नेहसूत्रम — स्नेह की डोर, समाज के रक्षकों के नाम 🇮🇳 रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि रक्षा, विश्वास, सम्मान और कृतज्ञता के रिश्ते को महसूस करने का दिन है। इसी पावन भाव के साथ वाल्मीकि बाल संस्कारशाला द्वारा समाज की सुरक्षा में दिन-रात समर्पित रहने वाले हमारे पुलिस भाइयों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर संस्कारशाला की छात्राओं ने पुलिसकर्मियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। इस भावुक अवसर पर वाल्मीकि बाल संस्कारशाला की संचालिका श्रीमती रीता सिंह जी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समाज के प्रति समर्पण की हृदय से प्रशंसा की। उन्होंने कहा— “जब हम अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाते हैं, तब हमारे पुलिस भाई अपनी ड्यूटी पर खड़े होकर पूरे समाज को अपना परिवार मानकर उसकी रक्षा करते हैं। आज हमारी बेटियों द्वारा बांधा गया यह रक्षा सूत्र उनके प्रति हमारे सम्मान और आभार का छोटा-सा प्रतीक है।” इस अवसर पर छात्राओं द्वारा समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए विभिन्न संकल्पों का वितरण भी किया गया। उन सभी पुलिस भाइयों को हृदय से नमन, जो हमारी रक्षा के लिए अपने त्योहार, अपनी खुशियाँ और अपना समय तक समाज के नाम कर देते हैं। 🇮🇳🙏 वाल्मीकि बाल संस्कारशाला