गायत्री परिवार की युवा कार्यशाला में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक अभियानों पर चर्चा 40 जिलों से 150 से अधिक युवा प्रतिनिधि हुए शामिल, विभिन्न अभियानों के लिए समयदान का लिया संकल्प* अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से गायत्री शक्तिपीठ, एमपी नगर में प्रादेशिक युवा चिंतन कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के 40 जिलों से युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक और प्रतिनिधियों सहित 150 से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। कार्यशाला में युवा व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण तथा विभिन्न सामाजिक अभियानों की गतिविधियों पर चर्चा की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए शांतिकुंज, हरिद्वार के वरिष्ठ प्रतिनिधि आशीष सिंह ने कहा कि युवाओं को नैतिक और चारित्रिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा, समय और भावनाओं का उपयोग सामाजिक कार्यों के लिए करने का आह्वान किया। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कार्यशाला में विभिन्न अभियानों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। डॉ. राहुल सतुना ने युवा जोड़ो अभियान, जितेंद्र प्रज्ञेय ने व्यसनमुक्ति अभियान, मनोज तिवारी ने पर्यावरण संवर्धन अभियान, सुभाष बघेल ने साहित्य विस्तार अभियान तथा डॉ. दयानंद समेले ने बाल संस्कारशाला अभियान से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय समन्वयक विवेक चौधरी ने कहा कि सामाजिक अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए कार्यकर्ताओं का समयदान जरूरी है। प्रदेश सह-समन्वयक अमर धाकड़ ने युवाओं को नई तकनीक सीखने और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पेपरलेस रिपोर्टिंग की आवश्यकता भी बताई। कार्यशाला में युवा आंदोलन के मार्गदर्शक प्रोफेसर रमन और सदानंद आंबेकर सहित वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखे। समापन से पहले विभिन्न जिलों से आए समन्वयकों ने अलग-अलग अभियानों में अपनी सहभागिता और समयदान को लेकर लिखित संकल्प व्यक्त किए। जिला संगठन समन्वयक रमेश नागर ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गायत्री शक्तिपीठ में पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम का संचालन गोपाल विश्वकर्मा ने किया।