ईशान युवा मंडल उन्नाव की उल्लेखनीय यात्रा 15 अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक # 1. परिचय ईशान युवा मंडल के द्वारा "मां फूलमती महिला मंडल" का उदय हुआ। मात्र 5 महीनों में यह मंडल न केवल संख्या में बढ़ा बल्कि सेवा, संस्कार और संगठन की दृष्टि से क्षेत्र की मातृशक्ति के लिए एक प्रेरणा बन गया। # 2. सदस्य वृद्धि: एकजुटता की ताकत - प्रारंभ: अगस्त 2025 में संयुक्त प्रयास से 10 नये परिजन जुड़े। - व्यक्तिगत नेतृत्व: मंडल अध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी ने अपने अथक व्यक्तिगत प्रयास से अकेले 70 नये परिजन को संगठन से जोड़ा। - वर्तमान स्थिति: आज मंडल की कुल सदस्य संख्या 80 हो गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि जब नीयत साफ हो तो छोटा बीज भी विशाल वृक्ष बन जाता है। # 3. संगठनात्मक गठन इतने बड़े और सक्रिय मंडल के सुचारू संचालन हेतु विधिवत चुनाव संपन्न हुआ: - मंडल अध्यक्ष: श्री प्रदीप द्विवेदी - उपाध्यक्ष: श्री नारायण त्रिपाठी - मंडल आचार्य: श्री सुरेश शर्मा जी ब्लॉक समन्वयक जी को भी अवगत करा दिया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया हेतु शांतिकुंज में कई बार संपर्क किया गया है और कार्य प्रगति पर है। # 4. प्रमुख कार्यक्रम और उपलब्धियां A. वार्ड नं. 8, भगवंत नगर में भव्य यज्ञ एवं सम्मान समारोह - 90 से अधिक परिजन और श्रद्धालु सदस्य उपस्थित रहे। - वार्ड की सभी मातृशक्ति ने इस पुनीत कार्य में उत्साह और आर्थिक सहयोग दिया। - विशेष सहयोग: अंजू सिंह जी, विकास द्विवेदी, प्रदीप द्विवेदी, जी का योगदान अविस्मरणीय रहा। सम्मानित अतिथि: श्री सुरेश कुमार शर्मा जी, श्री नारायण जी, महेश जी, नन्हा मास्टर ढोलक वादक, उमा सिंह जी और राधा रानी महिला मंडल की अध्यक्ष विंधेश्वरी जी को शॉल एवं विदाई देकर सम्मानित किया गया। B. आध्यात्मिक यात्रा मंडल परिजन संदीप द्विवेदी 17 जनवरी 2026 से 19 जनवरी 2026 तक नए सदस्यों के साथ उज्जैन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजा हेतु गए। वहां उन्होंने ₹500 का अंशदान भी जमा कराया। - मंडल सदस्य ऋषि द्विवेदी के घर पर एक कुंडी यज्ञ का आयोजन हुआ। - मंडल अध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी ने अपने घर में भी एक कुंडी यज्ञ की स्वयं किया | # 5. वित्तीय पारदर्शिता हमेशा की तरह मंडल में आया हुआ प्रत्येक रुपया यज्ञ, संस्कार और सेवा कार्यों में ही लगाया गया। कोई भी धन व्यक्तिगत उपयोग में नहीं लिया गया| और अनेक परिजनों ने अपने निजी धन लगा कर भी गुरु कार्य को आगे बढ़ाया मंडल उन सभी परिजनों का आभारी है| 6. निष्कर्ष: प्रेरणा का स्रोत यह 5 महीने की यात्रा केवल सदस्य संख्या बढ़ाने की कहानी नहीं है। यह युवा मंडल और महिलाओं के आत्मविश्वास, सामूहिक शक्ति और संस्कारों के पुनरुत्थान की कहानी है। वार्ड नं. 8 से शुरू हुआ यह दीपक आज पूरे क्षेत्र को प्रकाशित कर रहा है।